
जालोर।
जिले में आने वाले धार्मिक पर्व और आयोजनों को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने आदेश जारी कर त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था और लोक-शांति बनाए रखने के लिए उपखण्ड मजिस्ट्रेटों को कार्यपालक मजिस्ट्रेट और तहसीलदारों को सहायक कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है।
किन-किन त्योहारों पर रहेगी विशेष नजर?
आदेश के मुताबिक ये नियुक्तियां खास तौर पर इन अवसरों पर की गई हैं—
- 2 सितम्बर: रामदेव जयंती, तेजा दशमी और खेजड़ली शहीद दिवस
- 5 सितम्बर: बारावफात (चांद दिखने पर)
- 22 सितम्बर: नवरात्रा स्थापना और महाराज अग्रसेन जयंती
- 30 सितम्बर: दुर्गाष्टमी
इन सभी आयोजनों पर प्रशासन की नजर रहेगी ताकि भीड़-भाड़ और जुलूस के दौरान कानून व्यवस्था और शांति बनी रहे।
किसे कहां की जिम्मेदारी?
- उपखंड स्तर पर: जालोर, सायला, आहोर, भीनमाल, जसवंतपुरा, सांचौर, रानीवाड़ा, चितलवाना और बागोड़ा – यहां संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट कार्यपालक मजिस्ट्रेट होंगे।
- तहसील स्तर पर: जालोर, सायला, आहोर, भाद्राजून, भीनमाल, जसवंतपुरा, सांचौर, रानीवाड़ा, चितलवाना और बागोड़ा – यहां संबंधित तहसीलदार सहायक कार्यपालक मजिस्ट्रेट होंगे।
- विशेष निगरानी:
- जालोर, आहोर और सायला क्षेत्र के लिए – अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) जालोर प्रभारी अधिकारी होंगे।
- भीनमाल, जसवंतपुरा, रानीवाड़ा, सांचौर और बागोड़ा के लिए – ADM भीनमाल/सांचौर प्रभारी रहेंगे।
छुट्टी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं
डीएम ने साफ निर्देश दिए हैं कि—
- कोई भी कार्यपालक या सहायक कार्यपालक मजिस्ट्रेट त्योहारों के दौरान अपना कार्यक्षेत्र नहीं छोड़ेगा।
- अवकाश (Leave) लेना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
- अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर सुरक्षा और शांति व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करेंगे।

श्रवण कुमार ओड़ जालोर जिले के सक्रिय पत्रकार और सामाजिक विषयों पर लिखने वाले लेखक हैं। वे “जालोर न्यूज़” के माध्यम से जनहित, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों को उजागर करते हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य है—सच दिखाना और समाज की आवाज़ बनना।